लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित अनशन स्थल से हटाकर अस्पताल ले जाया गया। वांगचुक 28 जून से विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। दिल्ली पुलिस ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के अनुरूप उठाया गया। पुलिस के अनुसार, 59 वर्षीय सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार खराब हो रही थी, जिसके चलते उन्हें आवश्यक चिकित्सीय देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी हो गया।
पुलिस ने अपने बयान में कहा, “माननीय दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के अनुसार, श्री सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल भेजा गया है।”
हटाने के दौरान हुआ हल्का हंगामा
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते समय प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई का विरोध किया और रास्ता रोकने का प्रयास किया, जिससे मौके पर हल्का हंगामा हुआ। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक और सुरक्षित तरीके से पूरी की।
पुलिस ने यह भी अपील की कि जंतर-मंतर पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक धरना स्थल खाली कर दें ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
28 जून से जारी था अनशन
सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे थे। उनकी मांगें लद्दाख से जुड़े विभिन्न संवैधानिक, पर्यावरणीय और प्रशासनिक मुद्दों से संबंधित बताई जा रही हैं। लंबे समय से भोजन नहीं लेने के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके बाद अदालत और चिकित्सकों की सलाह के आधार पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
फिलहाल अस्पताल में उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टरों की निगरानी जारी है। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे समर्थकों और प्रशासन के बीच स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
