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राजस्थान: 181 संपर्क पोर्टल की शिकायतों पर मुख्य सचिव की सख्ती

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जयपुर: राजस्थान के मुख्य सचिव ने 181 संपर्क पोर्टल पर दर्ज जन शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी पेयजल शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान अधिकारियों को ट्यूबवेल, पाइपलाइन लीकेज और हैंडपंप से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल से संबंधित समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 181 पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित निगरानी की जाए और संबंधित विभाग शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न करें। शिकायत मिलने के बाद उसे संबंधित अधिकारी तक पहुंचाने और निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

पंचायती राज विभाग के लंबित मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई

मुख्य सचिव ने पंचायती राज विभाग से जुड़े लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। अधिकारियों को पट्टों समेत अन्य लंबित मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और आमजन को अपने प्रकरणों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।

ऊर्जा विभाग को शिकायतों का स्टेटस अपडेट करने के निर्देश

ऊर्जा विभाग को 181 संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का स्टेटस नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए गए। शिकायतों की स्थिति स्पष्ट होने से उनकी प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।

अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि शिकायत के प्राप्त होने, कार्रवाई शुरू होने और निस्तारण की स्थिति पोर्टल पर समय-समय पर अपडेट हो।

सचिवालय की लाइब्रेरी का भी किया निरीक्षण

मुख्य सचिव ने राजस्थान सचिवालय की लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान लाइब्रेरी में उपलब्ध व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लिया गया।

181 संपर्क पोर्टल को लेकर दिए गए निर्देशों के जरिए प्रशासन ने जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और विभागीय जवाबदेही पर जोर दिया है। ग्रामीण पेयजल, पंचायती राज और ऊर्जा विभाग से जुड़ी शिकायतों की नियमित निगरानी के साथ लंबित प्रकरणों को तय समय सीमा में निपटाने पर विशेष फोकस किया गया है।

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