Congress सांसद Shashi Tharur ने Russia – Ukrain युद्ध पर Modi सरकार की आलोचना करने पर दुख जताया है।
Shashi Tharur ने कहा है कि उन्हें अपनी गलती का एहसास हो गया है और वह आज भी अपनी शर्मिंदगी को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
Raisina dialogue में बोलते हुए Shashi Tharur ने कहा, “मैं आज भी शर्मिंदगी को खत्म करने का प्रयास कर रहा हूं क्यूंकि संसदीय चर्चा के दौरान मैंने फरवरी 2022 में भारत के रुख की आलोचना की थी।” उन्होंने कहा कि भारत की नीति ने Prime Minister Narendra Modi को यह ताकत दी है कि वे Russia के राष्ट्रपति Vladimir Putin, Ukrain के राष्ट्रपति Vladimir Zelensky दोनों से गले मिल सकते हैं और दोनों देशों में स्वीकार्य बने हुए हैं।
Modi Gov की नीति:
भारत ने Russia- Ukrain युद्ध पर तटस्थ रुख अपनाया है। भारत ने दोनों देशों से बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने का आह्वान किया है। भारत ने रूस से तेल और गैस का आयात भी जारी रखा है।
Tharur की आलोचना:
फरवरी 2022 में, Shashi Tharur ने भारत के रुख की आलोचना की थी और Masco के इस कदम की आक्रामकता की निंदा करने का आह्वान किया था।
Shashi Tharur का यू-टर्न
Shashi Tharur का यह यू-टर्न महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि (Congress Party )कांग्रेस पार्टी में भी रूस-यूक्रेन (Russia- Ukrain War) युद्ध पर भारत के रुख को लेकर मतभेद हैं।
यह देखना बाकी है कि थरूर के इस बयान का कांग्रेस पार्टी (Congress Party) पर क्या असर पड़ता है। लेकिन यह निश्चित है कि इस बयान ने रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia -Ukrain War)पर भारत के रुख को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उनकी आलोचना इस आधार पर थी कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन हुआ है।
