27.1 C
Delhi
Sunday, August 31, 2025

Trump ने Tariff को सही ठहराते हुए महामंदी की वापसी की चेतावनी दी

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी टैरिफ को सही ठहराते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले से 1929 जैसी महामंदी फिर आ सकती है। वैश्विक व्यापार और भारत पर असर, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर नजरें।

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अमेरिकी व्यापार नीतियों पर कोर्ट की सुनवाई के दौरान टैरिफ को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि अदालत ने अमेरिकी टैरिफ नीतियों को पलट दिया, तो देश को इतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक संकट—1929 जैसी महामंदी—का सामना करना पड़ सकता है।

अपने बयान में ट्रंप ने कहा, ‘‘हमारे टैरिफ्स की वजह से अमेरिका की आय में सैकड़ों अरब डॉलर जुड़े हैं। यदि इन्हें खत्म किया गया तो हमारी अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक भरने वाला घाटा हो सकता है।’’

ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका की आर्थिक सुरक्षा, समृद्धि और वैश्विक मजबूती के लिए टैरिफ आवश्यक हैं। उनका तर्क है कि इन टैरिफ्स ने घरेलू बाजार को सहारा दिया, और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में अमेरिका को ताकतवर बनाया है।

ट्रंप के टैरिफ फैसलों का दुनिया के कई देशों—खासकर भारत, चीन, ब्राजील और कनाडा—पर सीधा असर पड़ा है। भारत पर हाल ही में लगाये गए भारी शुल्क के चलते भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव उत्पन्न हुआ है। ट्रंप का आरोप है कि भारत रूस से सस्ते तेल की खरीद कर रहा है, जिससे रूस को यूक्रेन युद्ध में अप्रत्यक्ष मदद मिल रही है।

अर्थशास्त्रियों ने ट्रंप की टैरिफ नीति की तुलना 1930 के ‘Smoot-Hawley Tariff Act’ से की है। उस कानून ने दुनिया भर के व्यापार को प्रचंड झटका दिया था और 1929 की महामंदी को और गंभीर बना दिया था—तब वैश्विक व्यापार में 66% तक की गिरावट आई थी।

वर्तमान स्थिति में ट्रंप की नीतियों से अमेरिका समेत पूरी दुनिया के निर्यात-आयात के समीकरण बदल रहे हैं। भारत के लिए यह टैरिफ न केवल व्यापारिक नुकसान, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी दुष्प्रभाव डाल रहे हैं। अनुमान है कि भारतीय निर्यात में 60% तक गिरावट आ सकती है और भारतीय GDP को लगभग 1% तक का झटका मिल सकता है।

भारत सरकार ने इन टैरिफ्स को ‘अनुचित’ बताते हुए विरोध जताया है। अमेरिका के भीतर भी कई व्यापारिक समूह और राज्य सरकारें अदालत में ट्रंप की टैक्स नीति के खिलाफ खड़ी हैं। ट्रंप इन सब आलोचनाओं को नकारते हुए इसे अमेरिका की आर्थिक महानता की सुरक्षा बताते हैं।

अब अमेरिकी अदालत का फैसला और भारत समेत कई देशों की अगली रणनीति पर सबकी निगाहें हैं। ये टैरिफ न सिर्फ व्यापार, बल्कि राजनीति, रणनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के भविष्य को गहराई से प्रभावित करेंगे। कोर्ट का फैसला और अंतरराष्ट्रीय हलचल अगले कुछ हफ्तों में इस मुद्दे की दिशा तय कर सकते हैं।

- Advertisement -
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!