भारत 2025 में जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। भारत की वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित जीडीपी 4,187.017 बिलियन डॉलर होगी, जो जापान की अनुमानित 4,186.431 बिलियन डॉलर की जीडीपी से थोड़ा अधिक है। इस उपलब्धि के साथ भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, और इसके आगे केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही रहेंगे।
भारत की अर्थव्यवस्था ने बीते दस वर्षों में जबरदस्त प्रगति की है। 2015 में भारत की जीडीपी 2.1 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब दोगुनी होकर लगभग 4.3 ट्रिलियन डॉलर हो गई है। हालांकि, 2025 के लिए भारत की विकास दर में थोड़ी गिरावट का अनुमान है, जो 6.5% से घटकर 6.2% रह सकती है। ग्रामीण इलाकों में निजी उपभोग में वृद्धि के कारण यह विकास दर अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है।
आगे के वर्षों में भारत की आर्थिक स्थिति और मजबूत होने की संभावना है। 2027 तक भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच जाएगी, और 2028 तक जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है। 2028 में भारत की जीडीपी 5,584.476 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि जर्मनी की जीडीपी 5,251.928 बिलियन डॉलर रहने की संभावना है।
इसके विपरीत, जापान की आर्थिक वृद्धि धीमी बनी हुई है। जापान की 2025 के लिए विकास दर 0.6% पर घट सकती है, जो अमेरिका और चीन की तुलना में काफी कम है। अमेरिका और चीन इस अवधि में दुनिया की सबसे बड़ी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने रहेंगे। वैश्विक आर्थिक माहौल में व्यापार और निवेश के नियमों में भी बड़े बदलाव हो रहे हैं, जो वैश्विक आर्थिक प्रणाली को प्रभावित कर रहे हैं।
इस प्रकार, भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि और मजबूत घरेलू मांग ने उसे वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। यह उपलब्धि उस समय आ रही है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है, जो भारत की आर्थिक प्रगति के लिए एक चुनौती भी हो सकती है। फिर भी, भारत की अर्थव्यवस्था ने विश्व स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और आने वाले वर्षों में यह और भी ऊंचाइयों को छूने की दिशा में अग्रसर है।
