राजघाट पर प्रदर्शन के बाद इंडिया गठबंधन के नेता रवाना, BJP ने लगाया ‘गुंडागर्दी’ का आरोप

प्रदर्शन को लेकर दिल्ली की सियासत गरमाई, भाजपा ने विपक्ष पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया

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नई दिल्ली: राजघाट पर प्रदर्शन के बाद इंडिया गठबंधन के नेता वहां से रवाना हो गए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक विरोध के बजाय ‘गुंडागर्दी’ करार दिया। उनका आरोप है कि विपक्षी दल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। भाजपा ने कहा कि प्रदर्शन करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर नियमों का उल्लंघन और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शन

राजघाट और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और नेताओं के काफिले को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई और यातायात को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त बल लगाया गया।

प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रदर्शन के दौरान यदि किसी व्यक्ति ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष ने केंद्र पर साधा निशाना

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रक्रिया और SIR से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रही चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

विपक्षी दलों ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। नेताओं ने दावा किया कि उनका विरोध संवैधानिक अधिकारों के दायरे में है और इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

आरोप-प्रत्यारोप तेज

राजघाट प्रदर्शन के बाद भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। भाजपा ने विपक्ष से प्रदर्शन के दौरान अनुशासन बनाए रखने और कानून का पालन करने की मांग की। वहीं, विपक्ष ने कहा कि सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए प्रदर्शन को लेकर विवाद खड़ा कर रही है।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम की निगरानी के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी शिकायत या नियम उल्लंघन की स्थिति में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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