राजस्थान में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की प्रशासनिक सक्रियता और विभिन्न मुद्दों पर हो रही बैठकों के बीच अब सवाल उठने लगे हैं कि इन बैठकों का असर आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर कितना दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आई दो शिकायतों ने प्रशासनिक जवाबदेही और कार्रवाई की गति को लेकर चर्चा छेड़ दी है। एक ओर प्रदेश में अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग है, तो दूसरी ओर राजमेस (RajMES) के नर्सिंग अधिकारियों की कर्मचारी आईडी और वेतन से जुड़ी समस्या सामने आई है।
अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस की मांग
सोशल मीडिया यूजर मनन शर्मा ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को संबोधित करते हुए राजस्थान में सभी अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने और खनन माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की मांग उठाई है।
यह मांग प्रदेश में अवैध खनन पर प्रभावी निगरानी और नियमों के उल्लंघन के मामलों में ठोस कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित करती है। सवाल यह है कि अवैध खनन की शिकायतों पर संबंधित विभाग कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे।
मुख्य सचिव स्तर पर इस तरह के मुद्दों पर समीक्षा और निर्देश महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन उनकी वास्तविक सफलता जमीनी कार्रवाई और परिणामों से ही तय होगी।
राजमेस के नर्सिंग अधिकारियों को कर्मचारी आईडी का इंतजार
दूसरी ओर, एक सोशल मीडिया यूजर ने राजमेस के नर्सिंग अधिकारियों की समस्या उठाते हुए बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के माध्यम से जून 2025 में भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्ति से संबंधित परीक्षा हुई थी और जून 2026 में जॉइनिंग दी गई। इसके बावजूद, संबंधित यूजर के अनुसार, अब तक कर्मचारी आईडी नहीं बन पाई है, जिसके कारण वेतन प्राप्त करने में परेशानी हो रही है।
यदि शिकायत की पुष्टि होती है, तो यह संबंधित विभागों के बीच समन्वय और कर्मचारियों की वेतन प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर प्रशासनिक विषय है। नियुक्ति के बाद आवश्यक औपचारिकताओं में देरी कर्मचारियों के लिए आर्थिक परेशानी का कारण बन सकती है। संबंधित अधिकारियों को इस मामले की स्थिति स्पष्ट कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
@svoruganti1466 Sir RajMES mai nursing officer ki RSSB ne exam 2025 jun mai CSR kai under vacancy karwai june 2026 mai joining दी hai abhi tk hmari employee ID nhi bni hai or हम employee ID se salary lena chahte hai. Please sir hamari employee ID बने जिससे हमें salary mil ske 🙏🙏
— Satpal (@satpalc91023181) October 9, 2026
बैठकें या जमीनी नतीजे?
इन दोनों मुद्दों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के स्तर पर उठाए जा रहे कदमों से ऐसी समस्याओं का समाधान होगा? क्या संबंधित विभागों को जवाबदेह बनाया जाएगा, या शिकायतें सोशल मीडिया पर उठने के बाद भी समाधान का इंतजार करती रहेंगी?
यह कहना उचित नहीं होगा कि बैठकें केवल मीडिया में सुर्खियां पाने के लिए की जा रही हैं। हालांकि, प्रशासनिक सक्रियता का मूल्यांकन बैठकों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके बाद होने वाली कार्रवाई से होना चाहिए।
राजस्थान की जनता और सरकारी कर्मचारियों को केवल बैठकों और आश्वासनों की नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान की जरूरत है। अब देखना होगा कि अवैध खनन पर रोक और नर्सिंग अधिकारियों की कर्मचारी आईडी व वेतन से जुड़ी समस्याओं पर संबंधित प्रशासन क्या कदम उठाता है।
*नोट: लेख में उल्लिखित शिकायतें सोशल मीडिया पर किए गए दावों पर आधारित हैं। संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध होने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
