शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 423 अंक (0.56 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 76,619 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 109 अंक (0.48 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 23,202 पर समाप्त हुआ।
आईटी शेयरों में गिरावट प्रमुख कारण
निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.5 प्रतिशत गिरा, जिसमें इन्फोसिस को सबसे बड़ी चोट पहुंची। इन्फोसिस 6 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जिसके कारण निवेशकों में निराशा देखने को मिली। कंपनी के तिमाही परिणामों में शुद्ध लाभ में 11 प्रतिशत की वृद्धि होने के बावजूद, उसकी दिशा-निर्देशों में संकोच और मिश्रित तिमाही परिणामों ने निवेशकों को चिंतित कर दिया।
बैंकिंग शेयरों में सुस्ती
बैंकिंग क्षेत्र में भी दबाव बना रहा। एक्सिस बैंक में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, क्योंकि उसने तिमाही लाभ के अनुमानों को नहीं पूरा किया। इसके कारण अन्य प्रमुख बैंक जैसे कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक भी प्रभावित हुए, जिससे बाजार में गिरावट आई।
वैश्विक संकेतों का प्रभाव
वैश्विक स्तर पर, संरक्षणवादी नीतियों और महंगाई के दबाव को लेकर चिंताएं थीं। निवेशकों की निराशा का कारण यह था कि विश्व स्तर पर भूराजनीतिक बदलावों को लेकर संभावनाएं बनी हुई हैं। इस बीच, ब्रेंट क्रूड 0.5 प्रतिशत बढ़कर 81.73 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जिससे महंगाई को लेकर और भी आशंकाएं बढ़ी।
रुपये में कमजोरी, एफआईआई की बिकवाली जारी
भारतीय रुपये में गिरावट आई, जो कि आयातित वस्तुओं जैसे क्रूड तेल और सोने पर दबाव का परिणाम था। इस दौरान, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने इस वर्ष 40,055 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की है, जिससे बाजार पर और दबाव पड़ा है।
ब्रॉडर मार्केट्स और सेक्टरल प्रदर्शन
ब्रॉडर मार्केट्स में भी गिरावट देखने को मिली, जहां बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.6 प्रतिशत और 0.4 प्रतिशत नीचे बंद हुए। सेक्टरवार, निफ्टी आईटी और निफ्टी बैंक इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट रही।
अगले सप्ताह का आउटलुक
निवेशक अगले सप्ताह फेडरल रिजर्व की टिप्पणी और घरेलू कंपनियों के तिमाही परिणामों की दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा करेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जो ब्याज दरों से प्रभावित हैं।
हालांकि, इस गिरावट के बावजूद, विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक निवेशकों को अभी भी गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वे मानते हैं कि मौजूदा बाजार सुधार के बीच अच्छे शेयरों में निवेश करने से भविष्य में अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
बाजार में मौजूदा गिरावट निवेशकों के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय हो सकता है, लेकिन यह भी एक अवसर हो सकता है यदि सही रणनीति के साथ निवेश किया जाए। निवेशकों को वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतों को ध्यान में रखते हुए अपनी निवेश योजनाओं में बदलाव करना चाहिए।