अमृतसर रूरल पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पलक शेर मसीह और सूरज मसीह के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों को अमृतसर में स्थित सेना के कैंट और एयर बेस से जुड़ी अहम जानकारियाँ भेज रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह दोनों आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (इंटर-सर्विसेज़ इंटेलिजेंस) के लिए काम कर रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
पाकिस्तान से संपर्क का खुलासा
पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने अमृतसर जेल में बंद हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी के माध्यम से इन दोनों आरोपियों से संपर्क किया था। हरप्रीत सिंह, जो पहले ही जासूसी के आरोप में जेल में बंद था, पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र करने का काम कर रहा था। उसने पलक और सूरज को जासूसी के लिए इस्तेमाल किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने मिलकर सेना के कैंट और एयर बेस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ पाकिस्तान भेजी थीं।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
अमृतसर रूरल पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर इन दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी से देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की योजना बनाई है।
इस जासूसी मामले से जुड़े अन्य लोगों और आपराधिक नेटवर्क की पहचान करने के लिए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपी पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण सैन्य जानकारी जुटा रहे थे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा था।
खुफिया एजेंसियों की सतर्कता
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि देश की खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा बल लगातार सीमा पार से होने वाली जासूसी गतिविधियों पर निगरानी बनाए हुए हैं। इस जासूसी रैकेट का पर्दाफाश होने से पंजाब पुलिस और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की सराहना की जा रही है।
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