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Tuesday, February 10, 2026

क्या पाकिस्तानी लड़की से शादी नहीं कर सकते सेना के जवान? क्या कहता है नियम

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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान मुनीर अहमद को पाकिस्तानी लड़की से निकाह करने और बिना अनुमति उसके भारत में रुकवाने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। CRPF की 41वीं बटालियन में तैनात मुनीर अहमद पर कार्रवाई को सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।

पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने इस मामले में सख्ती दिखाई है, खासकर तब जब हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव चरम पर है। हमले के बाद भारत सरकार ने देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए थे और उन्हें तत्काल वापस लौटने का आदेश दिया था। इसी दौरान सामने आया कि CRPF जवान मुनीर अहमद ने पाकिस्तान की नागरिक मेनल खान से शादी की थी और वीजा समाप्त होने के बाद भी उसे भारत में शरण दे रखी थी।

कैसे सामने आया मामला?

सूत्रों के अनुसार, मुनीर अहमद ने 2024 में मेनल खान से वीडियो कॉल के जरिए निकाह किया था। इसके बाद मेनल खान शॉर्ट टर्म वीजा पर भारत आई थीं, लेकिन उनका वीजा 22 मार्च 2025 को समाप्त हो गया। इसके बावजूद वह भारत में ही रुकी रहीं। अहम बात यह है कि मुनीर ने इस पूरे मामले की जानकारी अपने विभाग को नहीं दी और न ही शादी के लिए विभाग से अनुमति ली थी।

CRPF ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए मुनीर को सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में यह बात भी सामने आई कि जवान ने जानबूझकर जानकारी छिपाई और वीजा नियमों की अवहेलना की।

क्या है नियम?

भारतीय कानून के तहत हर नागरिक को अपनी पसंद से शादी करने का अधिकार है। हालांकि, जब मामला सेना या अर्धसैनिक बलों के जवानों का हो, तो राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता बन जाती है। किसी भी जवान को यदि विदेशी, खासतौर पर पाकिस्तान जैसे संवेदनशील देश की नागरिक से विवाह करना हो, तो उसे पहले विभाग और भारत सरकार को सूचित करना होता है। विभाग द्वारा पूरी सुरक्षा जांच के बाद ही NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी किया जाता है। इसके बिना शादी करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

शादी के बाद विदेशी नागरिक को भारतीय नागरिकता ग्रहण करनी होती है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। इस मामले में न केवल नियमों की अनदेखी की गई, बल्कि संवेदनशील जानकारी छिपाकर सुरक्षा को खतरे में डाला गया।

आगे क्या?

मुनीर अहमद की बर्खास्तगी के बाद यह मामला सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में है। मेनल खान की भारत में मौजूदगी और उसकी गतिविधियों की जांच की जा रही है। यह मामला अन्य सुरक्षा बलों के लिए भी चेतावनी है कि वे व्यक्तिगत निर्णयों में सुरक्षा नीतियों की अनदेखी न करें।

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