कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन और NEET पेपर लीक विवाद के बीच दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। एक ओर दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान से संचालित बताए जा रहे 480 सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने की कार्रवाई की है, वहीं दूसरी ओर जंतर-मंतर क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं का निलंबन भी बढ़ा दिया गया है।
पाकिस्तान से संचालित 480 सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान ऐसे 480 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई जो कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे और समन्वित तरीके से फर्जी खबरें, भ्रामक सूचनाएं और दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस ने छात्रों और युवाओं से अपील की है कि वे विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा साझा की जा रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। पुलिस ने कहा कि केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें और किसी भी संदिग्ध या भड़काऊ पोस्ट को सत्यापन के बिना साझा करने से बचें।
जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवा निलंबित
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 जुलाई को जारी आदेश में जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं का निलंबन बढ़ा दिया है। यह प्रतिबंध गुरुवार रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा।
गृह मंत्रालय ने यह आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के तहत जारी किया है। मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला जन सुरक्षा बनाए रखने और किसी भी संभावित सार्वजनिक आपात स्थिति को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
गौरतलब है कि 17 जुलाई से अब तक मंत्रालय इस क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के निलंबन से संबंधित पांच आदेश जारी कर चुका है।
पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक और अन्य परीक्षा घोटालों के मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्टस्थापित करने का फैसला घोषित किया है। सरकार का कहना है कि इससे दोषियों को जल्द सजा दिलाने और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी।
480 Pakistan-based social media handles involved in coordinated misinformation campaigns were identified and blocked.
Delhi Police appeals to students and youth to be wary of such foreign accounts spreading rumours to mislead the situation.@LtGovDelhi #DPUpdates pic.twitter.com/SXzwXosDGr
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 23, 2026
CJP ने क्या कहा?
कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि केवल दोषियों को सजा देने की बात पर्याप्त नहीं है। संगठन का कहना है कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं क्यों हो रही हैं और इसके लिए जवाबदेही किसकी तय होगी।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद आया है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार ने अब भी उस मूल सवाल का जवाब नहीं दिया है कि परीक्षा प्रणाली में ऐसी खामियां क्यों बनी हुई हैं, जिनके कारण लगातार पेपर लीक हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री ने आखिरकार इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है, लेकिन असली जरूरत केवल सजा की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने की है जिससे भविष्य में पेपर लीक की घटनाएं पूरी तरह रोकी जा सकें।”
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक तथा प्रशासनिक गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं।
