राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल कमजोर बना हुआ है, जिसके कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के लिए लोगों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा। हालांकि, 21 जुलाई से पूर्वी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक, पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर परिसंचरण तंत्र में बदल गया है। वहीं मानसून ट्रफ लाइन अमृतसर, करनाल और रांची से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से रविवार (19 जुलाई) को प्रदेश के 15 जिलों में मेघगर्जन और हल्की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान दौसा जिले के बसवा में सबसे अधिक 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अलवर, धौलपुर, बूंदी और कोटा के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश हुई, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक कमजोर मानसून की स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद 21 जुलाई से कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
पूर्वानुमान के अनुसार, 22 और 23 जुलाई से राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय होना शुरू होगा। वहीं 23 से 28 जुलाई के बीच पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में अच्छी बारिश होने के संकेत हैं। इससे किसानों और आम लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
