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राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारी तेज, 15 अगस्त से 15 नवंबर के बीच मतदान कराने की योजना

पंचायत चुनाव 2026

राजस्थान सरकार ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 15 अगस्त से 15 नवंबर के बीच कराने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय में शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में चुनावी प्रक्रिया को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक में तैयार रिपोर्ट को रविवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंजूरी के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा और सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक में महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, राज्य निर्वाचन आयोग, अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक) आयोग के प्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन तथा पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

दरअसल, चुनाव में लगातार हो रही देरी पर राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में नाराजगी जताते हुए सरकार को अवमानना कार्रवाई की चेतावनी दी थी। सोमवार को अदालत में ओबीसी सर्वे, आरक्षण लॉटरी और चुनाव कार्यक्रम से संबंधित जानकारी पेश की जानी है, जिसे लेकर यह रणनीतिक बैठक आयोजित की गई।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में ओबीसी (राजनीतिक) आयोग को 31 जुलाई तक सर्वे पूरा कर 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद पंचायती राज और स्वायत्त शासन विभाग 10 दिनों के भीतर आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी करेंगे। एससी, एसटी, ओबीसी और महिला वर्ग के लिए आरक्षित वार्डों की सूची राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आयोग 15 अगस्त से 15 नवंबर के बीच 90 दिनों के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी कराएगा।

इधर, शनिवार देर रात मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा की एक रणनीतिक बैठक भी आयोजित हुई। इसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़, अरुण चतुर्वेदी और अशोक परनामी समेत संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारियों और संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा हुई।

सूत्रों के मुताबिक, राज्य निर्वाचन आयुक्त जैसे संवैधानिक पदाधिकारी को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश पर भी सरकार के भीतर नाराजगी जताई गई। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर भी अदालत के समक्ष सरकार अपना पक्ष रख सकती है।

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