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Tuesday, January 13, 2026

ED की छापेमारी: मिलावटी दूध उत्पादों के गोरखधंधे का पर्दाफाश

ED की छापेमारी: मिलावटी दूध उत्पादों के गोरखधंधे का पर्दाफाश

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एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने बुधवार को मध्य प्रदेश में नौ स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक निजी कंपनी से जुड़े स्थानों पर की गई, जो मिलावटी दूध उत्पाद बनाने और फर्जी लैब रिपोर्ट के जरिए उन्हें देश-विदेश में बेचने के आरोपों का सामना कर रही है।

ईडी की यह छापेमारी भोपाल, सीहोर और मुरैना में बुधवार सुबह से शुरू हुई। जिन परिसरों की तलाशी ली गई, वे कंपनी के निदेशकों किशन मोदी, राजेंद्र प्रसाद मोदी और अन्य से जुड़े बताए जा रहे हैं।

ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक, जांच में पाया गया कि कंपनी ने 63 फर्जी लैब रिपोर्ट का इस्तेमाल कर मिलावटी दूध उत्पादों को विदेशों में बेचा। जिन देशों में ये उत्पाद निर्यात किए गए, उनमें बहरीन, हांगकांग, सिंगापुर, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं।

वित्तीय दस्तावेजों की जांच जारी

ईडी अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई खाद्य मिलावट और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों पर रोक लगाने के लिए की जा रही है। जांच एजेंसी कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घोटाले का दायरा कितना बड़ा है।

ED की छापेमारी_ मिलावटी दूध उत्पादों के गोरखधंधे का पर्दाफाश
ED की छापेमारी_ मिलावटी दूध उत्पादों के गोरखधंधे का पर्दाफाश

कंपनी का इतिहास और कारोबार

जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 2013 में हुई थी और इसका मुख्यालय भोपाल में स्थित है। यह कंपनी “मिल्क मैजिक” ब्रांड के तहत विभिन्न प्रकार के डेयरी उत्पाद बनाती और बेचती है, जिनमें पनीर (फ्रोजन, मलाई, ताजा और ऑर्गेनिक), मोज़ेरेला चीज़, घी, खोया, सफेद मक्खन और मार्जरीन शामिल हैं।

कंपनी ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी पकड़ बनाई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में इसका वार्षिक राजस्व 100 करोड़ से 500 करोड़ रुपये के बीच दर्ज किया गया था। इसी अवधि में इसकी कुल संपत्ति में 53.94% की बढ़ोतरी देखी गई।

गुणवत्ता का दावा, लेकिन सच्चाई कुछ और?

जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स खुद को उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पादों का निर्माता बताती रही है, लेकिन ईडी की जांच ने कंपनी की गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर आरोप साबित होते हैं, तो यह मिलावटखोरी और उपभोक्ता धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला साबित हो सकता है।

ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।

नोट: हम बिजनेस हेडलाइन (BH) में अपनी नैतिकता को बहुत गंभीरता से लेते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी यहाँ प्राप्त की जा सकती है।

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