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Tuesday, January 13, 2026

PAK को IMF से 2.4 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता, संकट के बीच राहत की उम्मीद

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पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने देश को दो कार्यक्रमों के तहत कुल 2.4 अरब डॉलर की सहायता राशि मंज़ूर की है। इस फैसले को पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो इन दिनों महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और बढ़ते कर्ज के संकट से जूझ रही है।

IMF के कार्यकारी बोर्ड ने पाकिस्तान के 7 अरब डॉलर वाले विस्तारित निधि सुविधा (Extended Fund Facility – EFF) कार्यक्रम की पहली समीक्षा पूरी कर ली है, जिससे 1 अरब डॉलर की अगली किश्त जारी की गई है। इस राशि के साथ अब तक EFF के तहत पाकिस्तान को कुल 2 अरब डॉलर मिल चुके हैं। IMF ने पाकिस्तान के आर्थिक सुधार प्रयासों की सराहना की है और कहा है कि सरकार ने आर्थिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

इसके अलावा IMF ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पाकिस्तान को 1.4 अरब डॉलर की एक नई ऋण सहायता भी मंजूर की है। यह फंड देश को पर्यावरणीय जोखिमों से निपटने और सतत विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देने में मदद करेगा। पाकिस्तान पिछले कुछ वर्षों में भीषण बाढ़ और जलवायु आपदाओं का सामना कर चुका है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है।

इस समय पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। मुद्रा का अवमूल्यन, विदेशी कर्ज की अदायगी में कठिनाई, और निवेशकों का घटता विश्वास इसकी चुनौतियों में शामिल हैं। IMF की सहायता को पाकिस्तान के लिए एक जीवनरेखा के रूप में देखा जा रहा है, जो देश को आर्थिक स्थिरता की ओर ले जा सकती है।

हालांकि यह सहायता विवादों से अछूती नहीं रही। क्षेत्रीय तनावों के चलते कुछ विरोधी देशों ने इस सहायता के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि IMF को सुनिश्चित करना चाहिए कि यह फंड केवल आर्थिक सुधारों और विकास कार्यों में ही उपयोग हो, न कि किसी अन्य उद्देश्य में।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि IMF की यह सहायता देश की आर्थिक नीतियों और सुधारों पर भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों को किसी भी राजनीतिक प्रभाव से दूर रखकर तैयार किया गया है।

IMF ने साफ किया है कि अगली किश्तों की मंजूरी पाकिस्तान के सुधार कार्यक्रमों की प्रगति पर निर्भर करेगी। इनमें राजकोषीय अनुशासन, ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, सार्वजनिक उपक्रमों के प्रबंधन में पारदर्शिता और गरीब वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान शामिल है।

आने वाले महीनों में पाकिस्तान की सरकार को कठिन लेकिन ज़रूरी आर्थिक सुधार लागू करने होंगे। IMF की यह सहायता केवल तभी सार्थक साबित होगी जब सुधार योजनाएं धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू हों और आम जनता को उसका सीधा लाभ मिले।

इस आर्थिक सहयोग के सफल क्रियान्वयन से न सिर्फ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में स्थिरता आ सकती है, बल्कि यह अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से भी सहयोग प्राप्त करने का रास्ता खोल सकता है।

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