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राहुल गांधी ने सोनम वांगचुक को हटाने की कार्रवाई को बताया गलत, बोले- “बल प्रयोग से छात्रों की आवाज नहीं दबेगी”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे “गलत” बताया है। उन्होंने कहा कि भारत के छात्रों की आवाज को किसी भी तरह के बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता।

सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे। शनिवार सुबह स्वास्थ्य बिगड़ने की आशंका के बीच दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), पोटैशियम का स्तर कम होने और कीटोन स्तर बढ़ने की पुष्टि की है। चिकित्सकों के अनुसार, लंबे उपवास के कारण यह स्थिति किडनी और मेटाबॉलिज्म पर असर डाल सकती है। फिलहाल उन्हें निगरानी में रखा गया है, हालांकि उन्होंने आईवी फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन और अन्य दवाएं लेने से इनकार कर दिया है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि “मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। शांतिपूर्ण भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से हटाना गलत है। पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे भारत के भविष्य से जुड़े हैं। कोई भी ताकत भारत के छात्रों और उनके साथ खड़े लोगों को इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।”

कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने “फासीवादी तरीके” से एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन को खत्म करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी, लेकिन उसने आंदोलन को दबाने का रास्ता चुना।

इस कार्रवाई की आलोचना आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने भी की है।

वहीं, जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और वामपंथी छात्र संगठनों AISA तथा SFI ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि सोनम वांगचुक के अस्पताल ले जाए जाने के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा और वह स्वयं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को संसद मार्च की घोषणा की थी। हालांकि, सूत्रों के अनुसार इस मार्च के लिए अभी तक दिल्ली पुलिस से औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई है।

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