राजस्थान ने सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में देशभर में नई पहचान बनाई है। हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण में राजस्थान अब देश का अग्रणी राज्य बन गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि देश में अब तक निर्मित कुल हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में सबसे बड़ा हिस्सा राजस्थान का है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में अब तक कुल 10,389 किलोमीटर हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 4,809 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है। खास बात यह है कि इस पूरे नेटवर्क में 1,192 किलोमीटर एक्सप्रेसवे अकेले राजस्थान मेंबनाए गए हैं। यानी देश में अब तक तैयार हुए ऐसे एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में स्थित है।
यह उपलब्धि राजस्थान को सड़क अवसंरचना विकास के क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों से आगे खड़ा करती है। प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क ने न केवल लंबी दूरी की यात्रा को आसान बनाया है, बल्कि औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति दी है।
राजस्थान में तैयार हुए हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कारण जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर सहित कई प्रमुख शहरों के बीच संपर्क पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम हुआ है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों के साथ सड़क संपर्क भी बेहतर हुआ है, जिससे माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर एक्सप्रेसवे नेटवर्क से निवेश आकर्षित होगा, उद्योगों को नई संभावनाएं मिलेंगी और पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही परिवहन लागत में कमी, यात्रा समय में बचत और सड़क सुरक्षा के स्तर में भी सुधार होने की संभावना है।
राजस्थान का यह प्रदर्शन न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश राष्ट्रीय सड़क नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर सकता है। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विस्तार से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने और रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
