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Waqf संशोधन विधेयक Loksabha में हंगामे के आसार

यह विधेयक वक्फ अधिनियम, 1995 में बदलाव करने के लिए लाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। इसके तहत Waqf Board के अधिकारों में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। हालांकि, विपक्ष को आशंका है कि इससे अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

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लोकसभा

केंद्र सरकार आज लोकसभा में  संशोधन विधेयक  पेश करने जा रही है। इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव होने की संभावना है।

NDA और विपक्षी गठबंधन INDIA के सांसद इस मुद्दे पर आमने-सामने आ सकते हैं।

क्या है Waqf संशोधन विधेयक ?

यह विधेयक वक्फ अधिनियम, 1995 में बदलाव करने के लिए लाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।

इसके तहत Waqf Board के अधिकारों में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।

हालांकि, विपक्ष को आशंका है कि इससे अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

विपक्ष का विरोध क्यों?

Congress , TMC, AAP और अन्य विपक्षी दलों ने इस विधेयक को लेकर पहले ही नाराजगी जताई है।

उनका कहना है कि सरकार अल्पसंख्यकों की संपत्तियों पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रही है। Congress नेता

Rahul Gandhi ने Twit कर कहा, “सरकार को अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।”

वहीं, AIMIM प्रमुख Owaisi ने भी इस विधेयक का कड़ा विरोध किया है।

सरकार की सफाई

सरकार का कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता और कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करेगा।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “यह विधेयक किसी के अधिकार नहीं छीनेगा, बल्कि वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाएगा।”

लोकसभा में हंगामे के आसार

सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करेगा, जबकि सरकार इसे जल्द से जल्द पारित कराना चाहती है। इससे पहले भी संसद के अंदर कई विधेयकों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हो चुकी है।

अगले कदम क्या?

अगर लोकसभा में यह विधेयक पारित हो जाता है, तो इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा। हालांकि, विपक्ष के विरोध को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इसे कैसे पारित कराती है।

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