टोंक: टोंक जिले में जल संरक्षण और पेयजल से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जल संचय जन अभियान, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग यानी PHED की परियोजनाओं और इसरदा निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। समीक्षा के दौरान जिले में चल रहे जल संरक्षण कार्यों और पेयजल परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष जताया गया।
अधिकारियों के अनुसार, जल संचय जन अभियान के तहत जिले में 15 हजार से अधिक कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य वर्षा जल को संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को मजबूत करना है। अभियान के तहत तालाबों, जलाशयों, एनीकट, चेकडैम और अन्य जल संरचनाओं के निर्माण तथा मरम्मत पर जोर दिया जा रहा है।
At Tonk, reviewed Jal Sanchay Jan Abhiyan, PHED projects, and ISARDA construction works, 170 villages Jal Arpan programs held, 15000 + works in JSJA, and ISARDA construction works are on track, commendable work @DCDMTonk
9 October 2026
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@DIPRRajasthan https://t.co/29EOSKaGQw— V.Srinivas IAS (@svoruganti1466) October 8, 2026
170 गांवों में जल अर्पण कार्यक्रम
जल संरक्षण अभियान के तहत जिले के 170 गांवों में जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों को जल प्रबंधन से जोड़ना है, ताकि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से जल स्रोतों की नियमित देखभाल करने और पानी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल की अपील की।
PHED परियोजनाओं की समीक्षा
समीक्षा बैठक में PHED की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने पेयजल योजनाओं, पाइपलाइन विस्तार, जलापूर्ति व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। जिन क्षेत्रों में काम चल रहा है, वहां गुणवत्ता और निर्माण मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। साथ ही, परियोजनाओं की निगरानी और प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
इसरदा निर्माण कार्यों पर संतोष
इसरदा परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना के निर्माण कार्य तय दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। निरीक्षण के दौरान काम की प्रगति को सराहनीय बताया गया और संबंधित अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
इसरदा परियोजना को क्षेत्र की जल आवश्यकताओं से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके पूरा होने से पेयजल आपूर्ति और जल प्रबंधन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन ने कहा कि जल संचय जन अभियान, PHED योजनाओं और इसरदा परियोजना की नियमित निगरानी जारी रहेगी। अधिकारियों का लक्ष्य है कि सभी कार्य समय पर और निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरे हों, ताकि जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को दीर्घकालिक जल लाभ मिल सके।
