पुलिस की शर्मनाक करतूत: रिक्शेवाले से मारपीट और लूट!

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UP के कानपुर में पुलिस विभाग को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक रिक्षेवाले ने पुलिस वालों पर मारपीट और पैसे छीनने का आरोप लगाया है। पूछताछ में पीड़ित रिक्षेवाले ने अपना बयान देते हुए बताया की उसने आधी रात मदद के लिए डायल 112 पर फोन किया था. मौके पर दो सिपाही पहुंचे थे. लेकिन मदद के बजाय उन्होंने रिक्शे वाले को पीट दिया, जेब में रखे 675 रुपये भी छीन लिए. इस घटना पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी रिएक्ट किया है. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा- ‘भाजपा राज में ऐसे हालात, पुलिस से उठ गया विश्वास.

दरअसल, पूरा मामला कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र का है. पीड़ित रिक्शा चालक उपेंद्र कुमार ने कहा कि रात 11 बजे वह अपने मालिक का ई-रिक्शा खड़ा करके घर जा रहा था. लेकिन रात के समय कोई साधन नहीं मिल रहा था. इसी दौरान किसी ने कहा कि डायल 112 नंबर पर फोन करने पर मदद मिल सकती है. क्योंकि, मुख्यमंत्री जी ने आदेश दिया है कि यदि किसी व्यक्ति को कोई साधन न मिले तो पुलिस उसे घर तक पहुंचाएगी.

ऐसे में उपेंद्र कुमार ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली. चंद मिनट में ही एक बाइक पर सवार होकर दो सिपाही आ गए. आरोप है कि जैसे ही उपेंद्र ने उनसे कहा उसको घर भिजवा दीजिए तो सिपाही नाराज हो गए, उसको मारने पीटने लगे. इसमें उपेंद्र के कपड़े तक फट गए. कथित तौर पर उसकी जेब में रखे 675 रुपये भी छीन लिए गए.

पुलिस की पिटाई से चोटिल हो चुके उपेंद्र कुमार ने डायल 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस बुलाई, जो उसे लेकर काशीराम हॉस्पिटल गई, जहां उसका इलाज हुआ. इसके अगले दिन उपेंद्र ने थाने में शिकायत दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. फिर वह परिवार के साथ महाकुंभ चला गया. साली की शादी अटेंड की. वहां से लौटने के बाद जब उसने थाने में जाकर पूछा कि आरोपी पुलिस वालों पर क्या कार्रवाई हुई तो उसे भगा दिया गया. जिसपर अब उपेंद्र ने मीडिया के सामने आपबीती सुनाई.

मामले में चकेरी क्षेत्र के एसीपी दिलीप सिंह का कहना है रिक्शा वाले को बुलवाया है. उससे बात की जाएगी. यह भी जांच का विषय होगा कि आखिर उसने इतने दिनों तक पुलिस में कंप्लेंट क्यों नहीं की. जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. घटना 27 दिसंबर की है.

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