नोमैड कैपिटलिस्ट, जो टैक्स और इमिग्रेशन कंसल्टेंसी है, ने 2025 के लिए दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की रैंकिंग जारी की है। इस बार आयरलैंड का पासपोर्ट पहले नंबर पर आया है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह पहली बार है जब आयरलैंड ने इस रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। इस रैंकिंग में 199 देशों के पासपोर्ट का विश्लेषण किया गया, जिसमें भारत का पासपोर्ट भी शामिल है, लेकिन भारत की रैंकिंग पिछले साल से और नीचे गिर गई है।
पासपोर्ट की ताकत कैसे मापी जाती है?
नोमैड कैपिटलिस्ट की पासपोर्ट रैंकिंग को निर्धारित करने के लिए पारंपरिक तरीके से हटकर एक नया दृष्टिकोण अपनाया गया है। जबकि अधिकांश पासपोर्ट रैंकिंग केवल वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा के आधार पर मापी जाती हैं, नोमैड कैपिटलिस्ट पांच प्रमुख कारकों पर विचार करता है:
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वीजा-मुक्त यात्रा (50%)
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कर प्रणाली (20%)
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दुनिया में देश की छवि (10%)
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दोहरी नागरिकता की सुविधा (10%)
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निजी स्वतंत्रता (10%)
इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए हर साल पासपोर्ट की ताकत को मापा जाता है।
आयरलैंड का पासपोर्ट क्यों नंबर 1 बना?
नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट इंडेक्स 2025 के मुताबिक, आयरलैंड ने 109 के नोमैड पासपोर्ट स्कोर के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। आयरलैंड की सफलता के तीन प्रमुख कारण थे:
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मजबूत अंतरराष्ट्रीय छवि
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व्यापार के लिए अनुकूल कर नीति
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लचीली नागरिकता नीति
आयरलैंड के पासपोर्ट के साथ नागरिकों को यूरोपीय संघ और विशेष रूप से यूके में बिना किसी रुकावट के रहने और काम करने की छूट मिलती है, जो इसे और अधिक ताकतवर बनाता है।
भारत का पासपोर्ट और उसकी रैंकिंग
भारत को नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट इंडेक्स 2025 में 148वां स्थान मिला है, जो कि पिछले साल की तुलना में थोड़ा गिरा है। भारत की कुल रैंकिंग में गिरावट का कारण उसकी कर नीति, वैश्विक छवि और नागरिक स्वतंत्रता में कमी है। भारत के पासपोर्ट को कुल 47.5 अंक मिले हैं।
सबसे कमजोर पासपोर्ट
इस रैंकिंग में पाकिस्तान का पासपोर्ट फिर से दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट के रूप में चिन्हित किया गया है, इसके साथ ही इराक, यमन, इरिट्रिया और अफगानिस्तान के पासपोर्ट भी सबसे कमजोर माने गए हैं।
टॉप 10 सबसे मजबूत पासपोर्ट:
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आयरलैंड
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स्विट्जरलैंड
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ग्रीस
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पुर्तगाल
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माल्टा, इटली
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लक्जमबर्ग, फिनलैंड, नॉर्वे
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संयुक्त अरब अमीरात, न्यूजीलैंड, आइसलैंड
