राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तबादलों पर लगी रोक सरकार ने हटाई थी और अब स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऐसे में इस विषय पर अब किसी तरह की चर्चा का कोई औचित्य नहीं है।
मदन दिलावर ने कहा कि जिन शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादला आदेश जारी हो चुके हैं, उन्हें बिना किसी देरी के अपने नए कार्यस्थल पर जाकर कार्यभार ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने नियमों के तहत स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी की है और अब सभी संबंधित कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्ष हर मुद्दे पर देर से प्रतिक्रिया देता है। उन्होंने कहा, “वे काफी देर से इस तरह के बयान दे रहे हैं। राजस्थान की जनता न तो उनकी बातों पर विश्वास करती है और न ही उन पर ध्यान देती है।”
वहीं, राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा लगाए गए उस आरोप पर भी मदन दिलावर ने जवाब दिया, जिसमें डोटासरा ने दावा किया था कि उनके परिवार के सदस्यों का जानबूझकर अलग-अलग स्थानों पर तबादला किया गया है। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार किसी व्यक्ति या परिवार के आधार पर निर्णय नहीं लेती।
दिलावर ने कहा, “वे उनके परिवार के सदस्य हो सकते हैं, लेकिन मेरे लिए पूरा शिक्षा विभाग ही मेरा परिवार है।” उन्होंने कहा कि सरकार सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार करती है तथा स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि हाल ही में शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर हुए तबादलों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में पक्षपात किया गया, जबकि राज्य सरकार इन आरोपों को निराधार बताते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमसम्मत बता रही है। अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
