केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को जानकारी दी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त 2026 तक बुलाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
किरण रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि यह सत्र लगभग एक महीने तक चलेगा। इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश कर सकती है, वहीं विपक्ष भी विभिन्न राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है।
उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह को ध्यान में रखते हुए संसद की कार्यवाही 13 और 14 अगस्त को नहीं चलेगी। इन दोनों दिनों सदन की बैठक नहीं होगी और इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
मानसून सत्र के दौरान सरकार का फोकस लंबित विधेयकों को पारित कराने, विभिन्न नीतिगत प्रस्तावों पर चर्चा कराने और आर्थिक व प्रशासनिक मुद्दों पर सदन में जवाब देने पर रहेगा। दूसरी ओर विपक्ष ने भी संकेत दिए हैं कि वह शिक्षा, पेपर लीक, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे, कानून-व्यवस्था और अन्य समसामयिक विषयों को संसद में प्रमुखता से उठाएगा।
संसद का मानसून सत्र हर वर्ष महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दौरान कई अहम विधायी और नीतिगत फैसलों पर चर्चा होती है। इस बार भी सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है। ऐसे में 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलने वाला यह मानसून सत्र राजनीतिक और संसदीय दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
