जयपुर में बोले सचिन पायलट- संसद में उठाएंगे NEET पेपर लीक का मुद्दा, सोनम वांगचुक की हिरासत को बताया अलोकतांत्रिक

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने NEET पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और पूरा विपक्ष संसद के आगामी सत्र में इन मुद्दों को मजबूती से उठाएगा।

सचिन पायलट ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई छात्र मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या तक कर चुके हैं, लेकिन सरकार दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तंज कसते हुए कहा कि यह अब “नेशनल टेस्टिंग एजेंसी” नहीं, बल्कि “ड्रामा टेस्टिंग एजेंसी” बन गई है। उनका आरोप था कि सरकार पेपर लीक माफियाओं को बचाने का काम कर रही है और छात्रों को न्याय नहीं मिल रहा।

सोनम वांगचुक के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिन पायलट ने दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने इसे “कायराना और अलोकतांत्रिक कदम” बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

पायलट ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है और गर्भवती महिलाओं की मौत जैसे गंभीर मामलों पर राज्य सरकार अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।

कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “छात्रों की गूंज” अभियान के माध्यम से छात्रों की वास्तविक समस्याएं सामने आ रही हैं। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले छात्रों और प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रही है।

उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए और विपक्ष इन सवालों को संसद से लेकर सड़क तक उठाता रहेगा।

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