राजस्थान में एक बार फिर चांदीपुरा वायरस (CHPV) का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। डूंगरपुर जिले की छह वर्षीय बच्ची की गुजरात के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में संदिग्ध चांदीपुरा वायरस संक्रमण से मौत के बाद राजस्थान स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संक्रमण की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार, धंबोला क्षेत्र के रतनपुरा गांव की रहने वाली बच्ची के नमूने 15 जुलाई को हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में लिए गए थे। उसी दिन उसकी मौत हो गई। परिजन शव को गांव ले आए, लेकिन स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को इस घटना की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी।
बाद में गुजरात सरकार ने मामले की सूचना राजस्थान स्वास्थ्य विभाग को भेजी। 18 जुलाई को जयपुर स्थित स्वास्थ्य मुख्यालय को जानकारी मिलने के बाद डूंगरपुर प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अलंकार गुप्ता के अनुसार, प्रभावित रतनपुरा गांव में मेडिकल टीमों को तैनात कर दिया गया है। अब तक 353 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और संक्रमण की रोकथाम के लिए निगरानी तथा आवश्यक एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं।
चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से मच्छरों, किलनी (टिक) और रेत मक्खी (सैंड फ्लाई) जैसे वाहकों के माध्यम से फैलता है। यह संक्रमण विशेष रूप से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, फ्लू जैसे लक्षण और गंभीर मामलों में मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस) शामिल हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बच्चों में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने और साफ-सफाई के साथ मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
